प्रकृति से जुड़े सुविचार | भारत संस्कारों की जननी
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सुविचार >> प्रकृति से जुड़े सुविचार

जो देश अपनी मिट्टी को नष्ट कर देता हैं, वो खुद को नष्ट कर देता हैं| जंगल इस भूमि के फेंफड़े हैं जो हवा को शुद्ध करते हैं और हमें एक नई शक्ति देते हैं|
- अज्ञात
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प्रयास करें कि पृथ्वी को आप जब आये थे उसकी तुलना में बेहतर स्थिति में छोड़ जाएं|
- अज्ञात
   222
जब इस धरती का अंतिम पेड़ कट जाएगा, जब इस संसार की अंतिम नदी जहरीली हो जाएगी और जब यह धरती पूरी तरह से बंजर बन जाएगी तब शायद हम यह समझ पायेंगे कि हम पैसों को नहीं खा सकते हैं|
- अज्ञात
   222
हमें यह पृथ्वी अपने पूर्वजों से उत्तराधिकार में नहीं मिली बल्कि हमने इसे अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ी से उधार में ली हैं|
- अज्ञात
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पृथ्वी हमारी नहीं हैं, हम पृथ्वी के हैं|
- अज्ञात
   232
प्रकृति हमारी सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध करवाती हैं, लेकिन हमारे लालच को पूरा करने के लिए नहीं|
- अज्ञात
   229
एक पेड़ से करोड़ों माचीस बनती हैं, लेकिन एक माचीस करोड़ों पेड़ों को नष्ट कर सकती हैं|
- अज्ञात
   229
जहाँ न हरियाली हैं, न पेड़ पौधे हैं, न चिड़िया हैं – वहां जीवन एक बोझ हैं|
- अज्ञात
   229
अपने जन्मदिन पर कम से कम एक पेड़ अवश्य लगायें और मरने से पहले कम से कम 100 पेड़ अवश्य लगायें|
- अज्ञात
   229
अगर मधुमक्खी इस पृथ्वी से गायब हो गयी तो, इंसान केवल चार वर्ष तक ही जीवित बच पाएगा|
- अज्ञात
   229
अगर आपको प्रकृति को नियंत्रण में रखना है, तो हमेशा उसका कहना मानिए|
- Francis Bacon Sr
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अगर आप कम से कम में भी संतुष्ट है, तो आप सबसे धनवान है| क्योकि सन्तुष्टि प्रकृति की संपत्ति है|
- Socrates
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कुबेर धन प्राप्ति मंत्र
- Anonymous
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