Hindi Bhasha Ka Rutba | भारत संस्कारों की जननी
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हिन्दी भाषा का रुतबा


जब गुड़िया कापी में लिखती,

क, ख, ग, घ, च, छ, ज ।

हंसकर सबको बतलाती है,

हिन्दी भाषा का रुतवा ।


मजबूरी में जब अंग्रेजी,

में ए. बी .सी .डी लिखती ।

हारी हारी थकी थकी सी,

सूखे पत्ते सी दिखती ।

गुस्से में कहती है मुझको,

हिन्दुस्तानी पढ़ना है ।

अंग्रेजी भाषा से मुझको,

अभी नहीं माँ जुड़ना है ।

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