Computer Par Chidiya | भारत संस्कारों की जननी
Follow Us         

कम्प्यूटर पर चिड़िया


बहुत देर से कम्प्यूटर पर, बैठी चिड़िया रानी।

बड़े मजे से छाप रही थी, कोई बड़ी कहानी।।


तभी अचानक चिड़िया ने जब,गर्दन जरा घुमाई।

किंतु न जाने किस कारण वह,जोरों से चिल्लाई।।


कौआ भाई फुदक-फुदक कर, शीघ्र वहाँ पर आए।

'तुम्हें क्या हुआ बहिन चिरैया', कौआ जी घबराए।।

चिड़िया बोली 'पता नहीं है, कैसी ये लाचारी।

हुआ दर्द गर्दन में मुझको, कौआ भाई भारी'।।


तब कौए ने गिद्ध वैद्य से, उसकी जांच कराई।

वैद्यराज ने सर्वाई कल, की बीमारी पाई।।


कम्प्यूटर पर बहुत देर थी, बैठी चिड़िया रानी।

जोर पड़ा गर्दन पर सच मेम, की थी तो नादानी ।


कम्प्यूटर पर बहुत देर मत,बैठो मेरे भाई।

बहुत देर बैठा जो उसको,यह बीमारी आई।।

आपको यह पोस्ट पसंद आया हो तो इस पेज को ज़रूर लाइक करें और नीचे दिए गए बटन दबा कर शेयर भी कर सकते हैं
कम्प्यूटर पर चिड़िया
   979   0

अगला पोस्ट देखें
कंधे प‌र‌ न‌दी
   1095   0

Comments

Write a Comment


Name*
Email
Write your Comment
चूहे की सज़ा
- Prabhudayal Shrivastav
   1047   0
आधुनिक बेटियों का अनुभव बना बच्चों की सीख
- Shalini Vaishnav
   1222   0
खिलौनेवाला
- Subhadra Kumari Chauhan
   1008   0
कितने अच्छे अम्मा बाबू
- Prabhudayal Shrivastav
   962   0
बया
- Mahadevi Verma
   909   0
खुला पुस्तकालय जंगल में
- Prabhudayal Shrivastav
   954   0
ऊँट गाड़ी
- Harivansh Rai Bachchan
   951   0
गरमी मई की जून की
- Prabhudayal Shrivastav
   1046   0
रेल
- Harivansh Rai Bachchan
   992   0
चींटी बोली
- Prabhudayal Shrivastav
   1006   0
आसमान में छेद कराते दादाजी
- Prabhudayal Shrivastav
   1047   0
अंधकार की नहीं चलेगी
- Prabhudayal Shrivastav
   1070   0
कुबेर धन प्राप्ति मंत्र
- Anonymous
   1   0
By visitng this website your accept to our terms and privacy policy for using this website.
Copyright 2026 Bharat Sanskaron Ki Janani - All Rights Reserved. A product of Anukampa Infotech.
../