Chidiya Ka Ghar | भारत संस्कारों की जननी
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चिड़िया का घर


चिड़िया, ओ चिड़िया,

कहाँ है तेरा घर?

उड़-उड़ आती है

जहाँ से फर-फर!


चिड़िया, ओ चिड़िया,

कहाँ है तेरा घर?

उड़-उड़ जाती है-

जहाँ को फर-फर!

वन में खड़ा है जो

बड़ा-सा तरुवर,

उसी पर बना है

खर-पातों वाला घर!


उड़-उड़ आती हूँ

वहीं से फर-फर!

उड़-उड़ जाती हूँ

वहीं को फर-फर!

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चिड़िया का घर
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